जागो मेरे देशवासियो , आज जबकि सभी सार्वजानिक स्थानों पर धूम्रपान करना कानूनी तौर से मना है , दिल्ली के हर बस स्टॉप ,हर चौराहे पर बीडी ,सिगरेट और सबसे अधिक तो गुटका , जो पान बहार वगैरह -२ लुभावने नामों में हैं , धड्हले से बिकते हैं। कहीं कहीं नोटिस बोर्ड २०० रुपये का जुरमाना भी दिखा रहें हैं । सब बेकार हैं। सरकारी दफ्तरों में ,अस्पतालों में , कोर्ट में, पुलिस थाने में बस में ड्राइवर कंडक्टर यात्री सभी तो तम्बाकू के किसी न किसी रूप के व्यसनी हैं । वैज्ञानिको द्वारा किये गए शोध के अनुसार गुटका सबसे अधिक हानिकारक है । अस्पतालों में कैंसर के रोगीओं की संख्या में वृद्धि हो रही है ।
आओ , हम सब मिल के संकल्प ले कि न तो हम स्वयं तम्बाकू का सेवन करेंगे औरों को भी करने से, बेचने से रोकेंगे। उस के स्थान पर भुने चने या सस्ते फल खाने के सलाह देंगे। स्वयं भी धुएं को सहन नहीं करेंगे व् इस हेल्प लाईन पर सूचित कर के स्वस्थ भारत का निर्माण करेंगे
Friday, March 26, 2010
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टहनीयां काटने से कुछ नही होगा...जड़ काटनी होगी लेकिन काटेगा कौन????
ReplyDeletesundar pehel....
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